Sunday, 23 September 2012

ऐसे में तो नगर निगम अरबपति बन जायेगा


गजब-गजब की स्कीम निकालता है अपना ये फटियल नगर निगम, लोग बाग समङाते है कि वहां जो लोग है उनमें धेले भर की अकल नहीं है पर जबसे अपन ने नगर निगम द्वारा पैसे कमाने की जो 'इनडायरेक्ट स्कीमोंज् के बारे में अखबारों  मेें पढ़ा है तब से अपन उसके मुरीद हो गये, यदि ये स्कीमें लागू हो गई और सक्सेस भी हो गर्इं तो उसे किसी सेन्ट्रल गवर्नमेन्ट या स्टेट गवर्नमेन्ट का मुंह ताकना नहीं पड़ेगा, न कहो किसी सरकार को पैसों की जरूरत पड़ जाये तो अपना नगर निगम उसे तत्काल से भी पेश्तर करजा देने के लिये तैयार हो जायेगा। आप पूछेंगे कि आखिर नगर निगम को ऐसा कौन सा 'कारूंज् का खजाना मिल गया है जो वो सरकार को तक करजा देने की हिम्मत रखने लगा है, तो सुनो हम बताते हैं आपको। नगर निगम ने मुम्बई की एक कम्पनी से कचरा बेचने का कांन्ट्रेक्ट कर लिया है, हर टन कचरे पर वो कम्पनी उसको पैसे देगी और उस कचरे से उसे जो कुछ भी बनाना होगा वो बना लेगी। अब जिस शहर में चारों ओर कचरा ही कचरा हो, जिस गली में जिस चौराहे में जहां देखो कचरे के ढेर हों, वहां कंपनी जितना चाहेगी उतना माल अपना नगर निगम उसे दे देगा । कई साल तो उस कंपनी को रानीताल के पास लगे पहाड़ को उठा कर अपने प्लांट में ले जाने में लग जायेंगे, तब तक उतना कचरे का पहाड़ फिर लग जायेगा और जब तक वो कंपनी उससे कुछ बनायेगी तब तक नगर निगम फिर उसको कई टन कचरा सप्लाई कर देगा, यानी वो कंपनी हार कर थक जायेगी पर अपने नगर निगम के पास माल की कमी नहीं होगी । अब आप ही बताओ कितना पैसा नहीं कमा लेगी नगर निगम। दूसरी एक और स्कीम चली है नगर निगम ने, अपने राजपूत साहब ने फरमान जारी कर दिया है कि जो आदमी सड़क पर थूकता हुआ पाया जायेगा उस पर सौ रूपये का जुर्माना लगाया जायेगा । अब आप लोग ही देखो  शहर में हजारों पान की दुकानें हंै, एक-एक दुकान में पचासों लोग हर रोज पान चबाते है, वे वहीं बतियातें हैं और वहीं लगातार पिच-पिच भी करते रहते हैं। यदि एक पान वाले के सामने एक नगर निगम का कर्मचारी खड़ा हो जाये तो शाम को उसके पास लाखों रूपये इकठ्ठे हो जायेंगे इसके अलावा खुद नगर निगम में ही यदि पान और गुटखा खाकर थूकने वालों की गिनती कर ली जाये, तो केवल नगर निगम के दफ्तर से ही हर रोज लाखों रूपये मिल जायेंगे, मान गये अपन नगर निगम को पैसा कमाना तो कोई इससे सीखे।
बब्बू भैया और फेस बुक 
अपने विधायक बब्बू भैया से अभी तक सारे के सारे लोग परेशान रहते थे कि न जाने कब कहां और किसको वे अड़ी पटक दें, पर एक ऐसा जोधा निकला कि उसने बब्बू भैया का सोना-जागना हराम कर दिया है। उसने कुछ नहीं किया बस फेसबुक पे बब्बू भैया के नाम से एक एकाउन्ट खोल दिया है और उसमें दुनिया भर की फोटो अपलोड कर दी हंै। इतना ही नहीं बल्कि चार सौ से भी ज्यादा फ्रेन्ड भी बना डाले हंै, जैसे ही बब्बू भैया को ये बात पता चली उनके पैरों तले जमीन खिसक गई वे तो कम्प्यूटर की 'एबीसीडीज् भी नहीं जानते हंै और तो और मोबाइल का यूज वे सिर्फ सुनने और बोलने में करते आये है किसी का नंबर फीड करना हो तो किसी साथी की मदद लेते हैं, ऐसे में फेसबुक पर उनके एकाउन्ट ने उन्हे भारी अलसेट में डाल दिया है, बेचारे पुलिस के दरवाजे पर जाकर रपट लिखवा रहे है कि भैया देखो किसने मेरे नाम से एकाउन्ट खोल दिया है, कल के दिन हो सकता है कि मुख्यमंत्री के खिलाफ कोई कमेन्ट डाल दे तो बब्बू भैया को तो अड़ी मिल ही जायेगी। कहां तक सफाई देते फिेरेंगे कि वो एकाउन्ट फरजी है, अपने को तो लगता है कि पिछले दिनों जो कुछ भी शहर में हुआ है, उससे बब्बू भैया को सामने तो अड़ी पटक नहीं पाये कुछ लोग, तो अब उन्हानेें 'साइबर अलसेटज् बब्बू भैया को देना शुरू कर दिया है अपनी विधायक जी को ये ही सलाह है कि थोड़ा सा वक्त निकालकर किसी अच्छे कंम्प्यूटर वाले से कुछ दिनों के लिये टयूशन ले लो और ये सारे 'दंद-फंदज् सीख लो वरना किसी भी दिन ये कम्प्यूटर, फेसबुक, ईमेल आपको कहीं भी जम कर अलसेट दे देगें और आप कुछ नहीं कर पाओगे।
दिग्गी और कमलनाथ 
कौन कहता है कि कमलनाथ और दिग्गी राजा में नहीं पटती, अपने को तो पहले से ही मालूम था कि इन नेताओं के खाने के और दिखाने के दांत अलग अलग होते हैं । लोग कहते थे कि जब कमलनाथ का नाम मुख्यमंत्री के लिये 'प्रपोजज् किया जाता था तो उसमें दिग्गी राजा टांग अड़ा देते थे और जब दिग्गी राजा के कुछ बनने की बात आती थी तो कमलनाथ उसमें पलीता लगा देते थे। पर ये सारी बातें कोरी अफवाह साबित हो गईं, जब कमलनाथ ने दिग्गी राजा को जबलपुर से वापस दिल्ली ले जाने के लिये अपना खुद का निजी विमान जबलपुर पहुंचा दिया और उसमें 'लिफ्टज् लेकर दिग्गी राजा वापस दिल्ली पहुंच गये । हुआ ये था कि किंग फिशर का विमान आया नहीं अब दिग्गी राजा दिल्ली जायें तो जायें कैसे? जैसे ही ये बात कमलनाथ को पता लगी उन्होंने तुरंत अपने पायलट को हुक्म दिया कि वो अपना प्राइवेट जहाज लेकर जबलपुर जाये और दिग्गी राजा को लेकर आये। दोस्ती हो तो ऐसी वरना आजकल तो लोग-बाग किसी को अपनी साईकल तक नहीं देता पर कमलनाथ को देखो अपना जहाज भेज दिया, लगता है दो धु्रव आपस में मिल गये हंै।
पुरूष आयोग 
अभी तक तो महिलायें पुरूषों के खिलाफ रहती आई हैं पर अपने शहर की एक महिला नेता ने इस भ्रम को तोड़ दिया उन्होंने बकायदा 'पुरूष आयोगज् के गठन की मांग कर डाली है। उनने तो मांग कर डाली है, पर कौन सी सरकार होगी जो अपने यहां पुरूष आयोग का गठन कर ले अभी तक तो यही माना जाता है कि नारी 'अबलाज् होती है और पुरूष उस पर अत्याचार करता आया है इसी सोच को लेकर हर राज्य में 'महिला आयोगज् का गठन किया गया है पर अब जब एक महिला ही पुरूष आयोग का गठन करने की आवाज बुलंद कर रही हो तो सोचने वाली बात तो है ही, अपने को तो समङा में नहीं आता कि इस महिला नेत्री को पुरूषों से इतनी हमदर्दी कैसे हो गई कि उसने पुरूषों के लिये आयोग के गठन की मांग कर डाली। वैसे एक बात तो है कि भले ही लोग कहते हों कि महिलायें बेचारी बड़ी ही अबला होती है पर किसी भी शादीशुदा आदमी से पूछ लो कि वो अपनी बीबी के समाने कैसी 'भींगी बिल्लीज् बना रहता है बाहर भले ही वो शेर की तरह दहाड़ता हो पर जैसे ही  घर में कदम रखता है उसकी शेर की खाल अपने आप अदृश्य हो जाती है और वो एकदम से चूहा बन कर रह जाता है। लगता है पुरूषों की इस दयनीय हालत के बारे में इस महिला नेत्री को पता लग गया हो और यही कारण है कि उसने पुरूष आयोग के गठन की मांग कर डाली हो। अपने ख्याल से शहर के तमाम पुरूषों को उस महिला नेत्री का सार्वजनिक अभिनंदन कर देना चाहिये कि कोई तो आगे आया जिसने पुरूषों पर दया दिखाई।
कड़क हैं बड़े साहब 
जब से नये एसपी साहब इस शहर में आये है तब से उनके अधीन काम करने वालों की हवा बंद है । चहेरे पर मुस्कुराहट रखे एसपी साहब इतने कड़क होंगे, ये कभी उनके अधीन काम करने वालों ने सोचा भी नहीं होगा। जब से आये है कितने अफसर लाईन पहुंच गये कितनों को सजा मिल गई, सट्टे जुये के आबाद ठियों को साहब जी ने छापा डलवा कर इलाके के टीआईयों के पेट पर लात मार दी। अब तो इलाके के थानेदारों को बस एक ही चिन्ता खाये जाती है कि कहीं उनके इलाके में सट्टा खिलाते कोई न मिल जाये क्योंकि यहां सट्टे का अड्डा पकड़ा गया और उधर थानेदारी गई, इसलिये वे बेचारे भारी हलाकान है। इधर एक और नई नौटंकी साहब जी ने बगरा दी है और वो है 'क्राइम ब्रान्चज् को पावर फुल बनाने की, अभी तक तो जो क्राइम ब्रान्च में रहता था वो अपने आप को मजबूर और लूप लाईन वाला मानता था पर जब से बड़े साहब ने क्राइम ब्रान्च को पावर देने की बात कही है तब से हर आदमी क्राइम ब्रान्च में पोस्टिंग पाने की स्कीम में जुट गया है इसलिये किसी ने कहा है कि बारह साल में घूरे के दिन भी फिरते हंै अभी तक क्राइम ब्रान्च जो सबसे ज्यादा उपेक्षित थी अब उसके दिन फिरने वाले हैं अपने को तो लगता है कि अब न कहो शहर का हर थानेदार थानदारी छोड़ कर क्राइम ब्रान्च में आने के लिये जी जान एक कर देगा क्योंकि थानेदारी मेें तो अब 'रिस्क ही रिस्कज् है कब लाई लुट जाये कोई नहीं जानता।

सुपर हिट ऑफ द वीक 

श्रीमान जी रोज रात को शराब पीकर देर रात घर जाया करते थे । तंग आकर एक दिन श्रीमती जी ने उनके साथ जाने का निर्णय ले लिया।
होटल पहुंच कर श्रीमती जी ने बैरे से कहा,
'सुनो मेरे लिये भी वही लाना जो मेरे पति पीते हैंज्
 बैरे ने दो पैग लाकर रखे, जैसे ही श्रीमती जी ने एक घूंट भरा वैसे ही चिल्ला कर बोलीं
'ये तो बहुत ही कड़वी हैज्
'तो तुम क्या समङाती हो कि मैं यहां मौज करने आता हूंज् श्रीमान जी उन्हें डांटते हुये कहा।

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